शिखरों पर राजस्थानी 3.0 : उत्तराखंड के मदमेश्वर में किया राजस्थानी पुस्तक का विमोचन
24 May 2025
कोटा राजस्थान के युवा कवि और साहित्यकार किशन प्रणय का उनकी मुहिम शिखरों पर राजस्थानी के अंतर्गत राजस्थानी की तीसरी पुस्तक 'इं का ओगण चित मत धरज्यो' का विमोचन 3500 मीटर की ऊंचाई पर उत्तराखंड में स्थित मदमेश्वर महादेव के मंदिर में किया गया। किशन प्रणय और उनके मित्र 24 km की ट्रैकिंग करके पहाड़ के शिखर पर पहुंचे और पुस्तक का विमोचन किया जहां का तापमान वर्तमान में 4 डिग्री सेल्सियस है। किशन प्रणय इससे पहले भी माइनस डिग्री में विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ चंद्रशिला 4000 मीटर में अपनी पुस्तक का विमोचन कर चुके है और माइनस डिग्री में ही हिमाचल के 14000 फीट ऊंचे सर पास पर ट्रैकिंग करके राजस्थानी पुस्तक का विमोचन कर चुके है। यह किसी भी लोकभाषा की पुस्तक का विश्व में किया सबसे ऊंची जगह विमोचन है। यह मुहिम किशन प्रणय ने अपनी राजस्थानी भाषा को देश और विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए शुरू की है। इस बार के विमोचन की खास बात यह है कि अभी चार दिन पहले ही पंच केदार में से एक केदार मदमहेश्वर के कपाट खोले गए है। इस विमोचन में उनके साथ उनके साथी मुकेश आजाद, रूपेश गुप्ता, दीपक नागर और जयप्रकाश आर्य उनके साथ रहे।